Thursday, February 12, 2026
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उत्तराखंड

प्रख्यात पर्यावरणविद सुंदरलाल बहुगुणा की जन्मशताब्दी के अवसर पर सुंदरलाल बहुगुणा की पुस्तक ‘बागी टिहरी’ पर चर्चा।

(देहरादून)दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र की ओर से आज सायं केन्द्र के सभागार में स्व.सुंदरलाल बहुगुणा की जन्म शताब्दी पर एक कार्यक्रम आयोजित किया गया. इसमें उनकी पुस्तक ‘बागी टिहरी’ (पुनर्प्रकाशित) का लोकार्पण किया गया और बाद में उस पर चर्चा की गई। इस कार्यक्रम मे वक्ता गणों के तौर पर डॉ. हर्ष डोभाल, प्रोफेसर, दून विश्वविद्यालय, डॉ. प्रज्ञा पाठक, प्रोफेसर, मेरठ विश्वविद्यालय, डॉ. राजेंद्र डोभाल, कुलपति, स्वामी राम विश्वविद्यालय, राजीव नयन बहुगुणा, स्वतंत्र पत्रकार, विजय जड़धारी, पर्यावरण विशेषज्ञ अनूप नौटियाल, सामाजिक कार्यकर्ता तथा राहुल कोटियाल, स्वतंत्र पत्रकार उपस्थित रहे. कार्यक्रम का संचालन सामाजिक इतिहासकार डॉ. योगेश धस्माना ने किया।

वक्ताओं ने स्व. सुंदर लाल बहुगुणा को जमीनी स्तर पर पर्यावरण के संरक्षण के लिए उनके योगदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी। वक्ताओं ने उनके सर्वोदयी चिंतन पर व्यापक प्रकाश डालते हुए उन्हें समाज के लिए महत्वपूर्ण बताया.

उनकी बागी टिहरी पुस्तक पर वक्ताओं ने कहा कि इस पुस्तक में टिहरी राजशाही और स्वतंत्रता के दौर तत्कालीन परिवेश का चित्रण मौजूद है। इसमें टिहरी के राजनैतिक आन्दोलन, विद्यार्थी आन्दोलन के इतिहास, सन् 19 42 की बगावत,श्रीदेव ‘सुमन’ के बलिदान,डांग चौरा किसान आन्दोलन,सकलाना की तबाही,
टिहरी में लड़ाई का बिगुल और
टिहरी गढ़वाल का विलीनीकरण जैसे आदि तत्कालीन प्रसंगो, विवरणों का सार्थक उल्लेख मिलता है।

वक्ताओं ने सुंदरलाल बहुगुणा के पुरानी टिहरी से जुड़े विविध घटनाक्रमों के अनुभव और संस्मरण भी श्रोताओं के साथ साझा किये। इनमें तत्कालीन टिहरी की राजशाही, पत्रकारिता, स्वतंत्रता आंदोलन, पर्यावरण चेतना, सामाजिक समरसताऔर टिहरी बांध जैसे विविध विषय बिन्दुओं का उल्लेख किया गया.

पुनर्प्रकाशित पुस्तक बागी टिहरी के बारे बताते हुए श्रीमती मधु पाठक ने बताया कि उन्हें अपने पिताजी की कई पुरानी डायरियां मिली थीं उसमें से भी कुछ विवरणों को इसमें शामिल किया है।

कार्यक्रम में जनकवि डॉ. अतुल शर्मा ने सुंदर लाल बहुगुणा पर अपना अनुभव सुनाते हुए अपना गीत ‘अब नदियों पर संकट है सारे गांव इक्कट्ठा हों ‘ भी श्रोताओं को सुनाया. कार्यक्रम के प्रारम्भ में दून पुस्तकालय एवं शोध केन्द्र के कार्यक्रम अधिकारी चन्द्रशेखर तिवारी ने सभागार में उपस्थित सभी लोगों का हार्दिक अभिनंदन किया।

इस अवसर पर डॉ. बी.सी. पाठक, डॉ. बीपी मैठाणी,पवन लाल चंद, प्रेरणा रतूड़ी, बीना डंगवाल, प्रेम पंचोली, सुरेन्द्र सजवाण, सुंदर सिंह बिष्ट, डी. के. कांडपाल, जयप्रकाश खंकरियाल,अरुण कुमार असफल, कुसुम रावत, डॉ. एच.सी. पुरोहित,शैलेन्द्र सेमवाल, योगेन्द्र सिंह नेगी,जगदीश बाबला, समीर रतूड़ी, इरा चौहान सहित शहर के अनेक गणमान्य व्यक्ति, सामाजिक कार्यकर्ता, सर्वोदय से जुड़े लोग और पुस्तकालय के पाठकगण उपस्थित थे।

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